I'm a Product

Monday, August 5, 2013


Saturday, July 27, 2013

Friday, July 26, 2013

एक माँ के दो लाल




एक माँ के दो लाल रहे हैं
दोनों ही बा कमाल रहे हैं
दूरियों के बावजूद भी हम
करांति की मशाल रहे हैं
जब तक रहे हम मिल के
दुनिया में ला ज्वाल रहे हैं
==============
अब जो हाल है नासिर इस मुल्क का
अब तो अपनी इज्ज़त संभाल रहे हैं


भारत की आजादी और भारत का मुसलमान

Monday, July 22, 2013

जालिमों के बीच में फिर लाचार हम हैं

हर जगह पे ज़ुल्म के शिकार हम हैं 
दुश्मनों के फिर भी तरफदार हम हैं 
======================
ज़ुलमे खिलाफ चलती थी जो कभी 
खालिद बिन वलीद की तलवार हम हैं
=======================
भेजदे ऐ खुदा फिर से कोई ,,खालिद ,,
जालिमों के बीच में फिर लाचार हम हैं 
=======================
खाते रहे सीनों अपनी हम गोलियां 
फिर भी आज देश के गद्दार हम हैं 
======================
हमारे साथ भी आज इन्साफ तो करो 
नासिर अपने हक की तलबगार हम हैं 
nasir siddiqui