| अपने इस
ख़यालों को दूर फेकता क्यूँ नहीं |
| खुदा
मौजूद है हर जगह तू देखता क्यूँ नहीं |
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| इंसानों
के दिलों को तू जोड़ता क्यूँ नहीं है |
| शिवालों
मस्जिदों को तू छोड़ता क्यूँ नहीं |
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| यहाँ
गरीबों के क़त्ल का चर्चा भी नहीं होता |
| अमीरों
छींक भी आये तो छप जाता है प्रेस में |
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| बचके
रहना घुड़सवारो तुम अपने मैदान में |
| आगई है
लोमड़ी यहाँ घोड़ों की रेस में |
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| मुज़फ्फर
नगर गोधरा मुंबई और गुजरात |
| होने
लगे हैं ये सिलसिले कैसे हमारे देस मे |
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| शैतान
भी शर्माए ऐसा काम तुम्हारा है |
| शैतान
घूम रहां है यहाँ इंसानॉ के भेस में |
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| लोकल
ट्रेन को छोडिये ज़माना हुआ है फास्ट |
| नासिर
टिकट कटाइये अब चेन्नई एक्सप्रेस में |