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Wednesday, December 14, 2016
सुरों में तुम खो जाओगे गुनगुना कर देखो
सुरों में तुम खो जाओगे गुनगुना कर देखो
नगमये वफ़ा एकबार तुम गा कर देखो
नगमये वफ़ा एकबार तुम गा कर देखो
हटाओ ये माथे का शिकन आओ प्यार करें
कितनी हसीन है ये दुनिया मुस्कुरा कर देखो
कितनी हसीन है ये दुनिया मुस्कुरा कर देखो
मैं खुद से बाहर निकल रहा हूँ
मैं खुद से बाहर निकल रहा हूँ
थोड़ा थोड़ा मैं पिघल रहा हूँ
मिलेगी मंज़िल ये सोच कर के
गिर२ के फिर मैं,संभल रहा हूँ
इन काली रातों की सुबह तो होगी
इसी उम्मीद पर मैं बदल रहाहूँ
कितनी हसीं होगी वो मेरी रातें
ये सोच कर ही मचल रहा हूँ
अपने कांधों पे बोझ लेकर
अनजान राहों पे चल रहा हूँ
बिछड़ के तुझसे ऐ ज़िन्दगी मैं
नासिर अब तक मैं जल रहाहूँ
थोड़ा थोड़ा मैं पिघल रहा हूँ
मिलेगी मंज़िल ये सोच कर के
गिर२ के फिर मैं,संभल रहा हूँ
इन काली रातों की सुबह तो होगी
इसी उम्मीद पर मैं बदल रहाहूँ
कितनी हसीं होगी वो मेरी रातें
ये सोच कर ही मचल रहा हूँ
अपने कांधों पे बोझ लेकर
अनजान राहों पे चल रहा हूँ
बिछड़ के तुझसे ऐ ज़िन्दगी मैं
नासिर अब तक मैं जल रहाहूँ
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