Nasir Siddiqui
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Wednesday, December 21, 2016
भुला बैठा था उन्हें अपने दिल से लेकिन
भुला बैठा था उन्हें अपने दिल से लेकिन
ख्वाबों में अक्सर मुझे वो सताने आते है
ख्याल रहता है उनको इस क़दर मेरा
होता हूँ जब मैं उदास वो हंसाने आते हैं
सो जाता हूँ अक्सर इश्क़ की आगोश में
ख्वाबे गफलत से फ़रिश्ते जगाने आते हैं
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